किसान-मजदूर विरोधी कानूनों की वापसी के आंदोलन में एआईपीएफ भी होगा शामिल

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

किसान-मजदूर विरोधी कानूनों की वापसी के आंदोलन में एआईपीएफ भी होगा शामिल।
लखनऊ, 25 नवम्बर 2020, कल देश के सभी प्रमुख केन्द्रीय श्रमिक महासंघ और अखिल भारतीय किसान मजदूर संघर्ष समन्वय समिति की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विरोध दिवस में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट शामिल रहेगा। इस दिन एआईपीएफ की इकाईयां तहसील प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन भेजकर केन्द्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों को समाप्त कर लाई गई मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं और कृषि के लिए लाए गए तीन कानून पहला कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम 2020, दूसरा कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और तीसरा कृषि सेवा पर करार अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 को वापस लेने की मांग उठायेगी। इसके साथ ही वनाधिकार कानून के तहत जमीन का अधिकार, मनरेगा में काम, बकाया मजदूरी का भुगतान, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अधिकार, सहकारी खेती की मजबूती जैसी मांगंे भी ज्ञापन में शामिल रहेगी। यह जानकारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में एआईपीएफ के जिला संयोजक कांता कोल ने दी।
कांता कोल
जिला संयोजक
आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, सोनभद्र।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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