मकर संक्रांति पर कविगोष्ठी सम्पन्न

क्राइम जर्नलिस्ट(सेराज खान-सम्पादक)

मकर संक्रांति पर कविगोष्ठी सम्पन्न।
सोनभद्र।(राजेश पाठक/आशुतोष त्रिपाठी)शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी के तत्वावधान में कचहरी स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में मकर संक्रांति के अवसर पर कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र शुक्ला ऐड० ने किआ संचालन अशोक तिवारी ने किया इस अवसर पर माँ शारदे के चित्र पर माल्यार्पण तथा धूप अर्पण पश्चात वाग्देवी वंदना करते हुए कवि सरोज कुमार सिंह ने- वीणा वाली तेरी आरती गाउँ मैं सुनाकर माँ को नमन किया। दिलीप सिंह दीपक ने- लोकतंत्र का पर्व आया तो, पूरा हिंदुस्तान शुरू है। धर्मेश चौहान- मैं कवि हूँ गद्य को भी गीत बना दूंगा। कौशल्या देवी- मैं झांसी वाली रानी हूँ। प्रद्युम्न तिवारी- अब सरहदे वतन की बलिदान मांगती हैं। सुनाकर राष्ट्र भक्ति का संचार किये। सोन साहित्य संगम के राकेश शरण मिस्र ने ओज की प्रस्तुति बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत की।
इस अवसर पर प्रभात सिंह चंदेल , दिवाकर मेघ , अब्दुल हई, ईश्वर विरागी, जयराम सोनी, दयानंद दयालु ने एक से बढ़कर एक हास्य वीर रस की पंक्तियां श्रृंगार के गीत पढ़कर लोगो को सोचने पर मजबूर कर दियें।
*चुर्क के निहाल यादव को संस्था की तरफ से अंगवस्त्र प्रमाणपत्र माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।*
इस अवसर पर हरि शंकर तिवारी, ओम प्रकाश पाठक, आत्म प्रकाश तिवारी, वृजमोहन तिवारी, देवानंद पांडेय, ठाकुर कुशवाहा समेत सैकड़ो अधिवक्ता उपस्थित रहें।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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