धोखाधड़ी – बैंक लोन खत्म के नाम पर दलालों ने आदिवासी का जमीन 6 कठठा के स्थान पर साढे पांच बीघा कराया बैनामा –

क्राइम जर्नलिस्ट(सेराज खान-सम्पादक)

धोखाधड़ी – बैंक लोन खत्म के नाम पर दलालों ने आदिवासी का जमीन 6 कठठा के स्थान पर साढे पांच बीघा कराया बैनामा –

भोले भाले आदिवासियों की जमीन लूटने पर आमादा है शातिर दलाल किस्म के लोग ।

दुद्धी/सोनभद्र। आदिवासीय बाहुल्य क्षेत्र में जल जंगल और जमीन का राजा आदिवासीय पर इन दिनों पढ़े-लिखे दलाल किस्म के लोगों का बुरी नजर है, सर्वे सेटेलमेंट से लेकर कब जा किसी का नाम किसी का यह बात तो आम हो चली है परंतु ग्राम कटोँधी दुद्धी सोनभद्र निवासी महावीर पुत्र राजाराम उम्र लगभग 70 वर्ष का जमीन के जालसाज 3 लोगों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाए जाने को लेकर संबंधित दलाली में बहुचर्चित इलाहाबाद बैंक शाखा अमवार से डेढ़ लाख रुपए व आर्यावर्त बैंक ग्रामीण बैंक शाखा झारोकला दुद्धी से ₹111000 अर्थात एक लाख 11 हजार रुपए का लोन करा दिया, और एक लाख रुपए किसान क्रेडिट कार्ड धारक महावीर को प्रदान कराई गई, प्रार्थी का कितने का लोन हुआ यह ज्ञात नहीं, परंतु जब लोन की वसूली वारंट अर्थात आरसी जारी हुई तो आदिवासी बुजुर्ग महावीर परेशान हो उठा, तब दलाल किस्म के साथ शातिर लोगों ने 6 कट्ठा जमीन ₹ 6 लाख रूपये में बेचने को तैयार कराया गया अन्यथा जेल जाने का भय दिखाया गया, मरता क्या न करता आदिवासी महावीर भी 6 कट्ठा जमीन बेचने को तैयार हो गया जिससे कर्ज से मुक्ति मिल सके, परंतु दलालों ने 6 कट्ठा जमीन के नाम पर साढे 5 बीघा जमीन रजिस्ट्री बैनामा आदिवासी अशिक्षित से करा लिया, जब राजस्व कर्मी द्वारा बुजुर्ग के भाई को जमीन बिक्री साढ़े 5 बीघा करने की बात बताई तो घर परिवार के लोग धोखाधड़ी को लेकर सन्न रह गए, उक्त आशय की जानकारी शिकायती प्रार्थना पत्र को लेकर पीड़ित परिवार के लोग प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दुद्धी पहुंचे, और प्रार्थी का आधार कार्ड कुटुंब रजिस्टर बीमा का कागज साजिश के तहत रख लिया गया का आरोप लगाया गया है l अगर यही स्थिति बनी रहीं तो आने वाले वर्षों में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र दुद्धी का राजा स्वरूप आदिवासी जमीन विहीन और फकीरी की जिंदगी गुजर बसर करते नजर आएंगे l बाकी विभाग तो अपनी पौबारा में मशगूल है l इंसाफ की दरकार को भटक रहा आदिवासी महावीर को न्याय मिले और शातिर फरेब धोखाधड़ी करने वाले लोगों को चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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