मकरा में मौतों के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान विकास में पिछड़ा आदिवासी बाहुल्य दुद्धी अंचल आइपीएफ का रासपहरी में धरना पैतालीसवें दिन भी जारी

क्राइम जर्नलिस्ट(सेराज खान-सम्पादक)

मकरा में मौतों के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
विकास में पिछड़ा आदिवासी बाहुल्य दुद्धी अंचल
आइपीएफ का रासपहरी में धरना पैतालीसवें दिन भी जारी
म्योरपुर/सोनभद्र। 25 नवम्बर 2021, मकरा में हुई मौतों के मामले में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट द्वारा की गई शिकायत को संज्ञान में लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान में लेकर डायरी नम्बर 183504/सीआर/2021 के बतौर दर्ज कर लिया है। यह जानकारी आइपीएफ के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका ने दी। वहीं आज रासपहरी में आइपीएफ का अनिश्चितकालीन धरना के पैतालीसवें दिन भी जारी रहा। धरने में वक्ताओं ने कहा कि अब तक बनी सरकारों की नीतियों और कार्यवाहियों के कारण विकास के मामले में आदिवासी बाहुल्य दुद्धी अंचल पिछड़ गया है। न ही यहां समुचित स्वास्थ्य सुविधा है, न शिक्षा की व्यवस्था और न ही रोजगार, शुद्ध पेयजल, आवागमन के साधनों की व्यवस्था है। इन हालातों को बदलने के लिए दुद्धी को जनराजनीति की जस्रत है। वक्ताओं ने कहा कि दुद्धी में बड़े औद्योगिक घरानों के उद्योग है, सरकारी तापीय परियोजनाएं है और कोयला आदि का खनन है जिससे सरकार को बड़ा राजस्व जाता है। लेकिन इस राजस्व में यहां के लोगों को विकास में हिस्सा नहीं मिलता है। यही वजह है कि मकरा जैसे गांव में दर्जनभर से ज्यादा लोग अकाल मृत्यु के शिकार होते है। वक्ताओं ने मकरा में हुई मौतों की जिम्मेदारी तय कर इन मौतों के जिम्मेदारों पर कार्यवाही करने की मांग की।
धरने में आइपीएफ जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, मजदूर किसान मंच जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, इंद्रदेव खरवार, मंगरू प्रसाद गोंड़, मनोहर गोंड़, सुरेश गोंड़, चरन सिंह गोंड़, बिरझन सिंह गोंड़, देवशाह गोंड़, रामलखन गोंड़, शिवकुमार गोंड़, धनराज गोंड़, राम प्रसाद गोंड़, रामलखन गोंड़ श्रगांरो देवी अगरिया, विद्यावती देवी आदि लोग मौजूद रहे।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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