स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत-आइपीएफ मकरा में मृत लोगों को मिले मुआवजा रासपहरी में धरना चौवालीसवें दिन भी जारी

क्राइम जर्नलिस्ट(सेराज खान-सम्पादक)

स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत – आइपीएफ
मकरा में मृत लोगों को मिले मुआवजा
रासपहरी में धरना चौवालीसवें दिन भी जारी।
म्योरपुर/सोनभद्र।मकरा ग्राम पंचायत में एक माह में प्रदूषित पानी के कारण हुई मौतों के मामले ने एक बार फिर इस आदिवासी बाहुल्य अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और हर ग्रामीण को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की जरूरत को सामने लाया है। यह बातें आज रासपहरी में जारी अनिश्चितकालीन धरने के चौवालीसवें दिन वक्ताओं ने कहीं। वक्ताओं ने कहा कि यदि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और शुद्ध पीने का पानी ग्रामीणों को मिलता तो मकरा में इतनी बड़ी संख्या में मौतें न होती। आइपीएफ द्वारा उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन से लगातार इस सम्बंध में मांग की गई पर स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गई। परिणामस्वरूप कभी मकरा में, कभी बेलहत्थी के रजनी टोला में और कभी सोढ़ों, परनी, गडिया आदि गांवों में ग्रामीण बेमौत मरते है। वक्ताओं ने दो तीन गांव का कलस्टर बनाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने, म्योरपुर सरकार अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने और डिबुलगंज के अस्पताल को पूरी क्षमता से चलाने की मांग की। वक्ताओं ने हर गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने और मकरा में हुई मौतों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरूद्ध कार्यवाही करने तथा हर मृतक को मुआवजा देने की भी मांग की गई।
धरने में आइपीएफ जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, मजदूर किसान मंच जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, मंगरू प्रसाद गोंड़, मनोहर गोंड़, ज्ञानदास गोंड़, महावीर गोंड़, सुबेर सिंह गोंड़, राम विचार गोंड़, रामधीन गोंड़, अमरजीत गोंड़, रजवंती गोंड़, फूलबस गोंड़, लखपत गोंड़, सविता कुमारी, नीता देवी, बीरबल गोंड़़ आदि लोग मौजूद रहे।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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