संविदा कर्मी महिला शिक्षिकाओं की बदौलत बदल रही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय दुद्धी की तस्वीर –

क्राइम जर्नलिस्ट(सेराज खान-सम्पादक)

संविदा कर्मी महिला शिक्षिकाओं की बदौलत बदल रही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय दुद्धी की तस्वीर –

विद्यालय की वार्डन वंदना देवी ने कहा इस बार का शैक्षिक परिणाम सराहनीय होगा – कक्षा 6 से 8 तक 100 छात्राओं पूर्ण प्रवेश से चल रहा विद्यालय

दुद्धी/सोनभद्र।आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र दुद्धी में सरकार की पहल पर शिक्षा का अलख जगाने वाले कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय।दुद्धी सोनभद्र में इनदिनों संविदा पर तैनात अध्यापिका कि नियुक्ति होने से शिक्षण प्रक्रिया में अभूतपूर्व सुधार हो रहा है, जब मीडिया ने पड़ताल किया तो विद्यालय की वार्डन ने बताया कि महज तीन शिक्षिकाओं की बदौलत विद्यालय चलाया जा रहा था।

तीन और अध्यापिकाओं गणित, विज्ञान, व सामाजिक विषय के संविदा पर तैनाती होने के बाद बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आई है और खुशियों के पल के बीच शिक्षण प्रक्रिया सुदृढ़ करने में सहायता प्राप्त हुई है, और बेवजह बच्चे अब घर नहीं जाना चाहते, लगन से अध्यापिका पढ़ा रही है और बच्चियां भी पढ़ रही हैं l ज्ञात कराना है कि 100 बालिकाओं के शिक्षा ग्रहण करने कि इस विद्यालय में अनुमति है, जोकि आवासीय है, अर्थात विद्यालय द्वारा निशुल्क भोजन, कपड़ा, दैनिक जीवन में उपभोग की वस्तु सरकार द्वारा उपलब्ध बच्चों को निशुल्क कराई जाती है, जिससे विद्यालय का शैक्षिक कायाकल्प हो सके l वर्तमान समय में अनुसूचित जाति के 7 छात्राएं, अनुसूचित जनजाति कि 70 छात्राएं एवं अन्य पिछड़ी जाति के 23 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कक्षा 6 से 8 तक कर रही हैं l अपने बच्चियों का आर्थिक शोषण से मुक्ति के लिए प्राइवेट विद्यालयों से दूर अब सरकारी विद्यालयों की ओर अभिभावकों का रुझान बढ़ा है, जिसका लाभ अभिभावक उठा रहे हैं l प्रबुद्ध जनों ने वार्डन सहित संविदा अध्यापिका आदि के कार्य की प्रशंसा किया है l

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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