आस्था के महापर्व छठ पूजा हेतु नहाय खाय के दिन जहरीले पानी से स्नान करने पर विवश श्रद्धालु

क्राइम जर्नलिस्ट(सह-सम्पादक श्याम अग्रहरि)

आस्था के महापर्व छठ पूजा हेतु नहाय खाय के दिन जहरीले पानी से स्नान करने पर विवश श्रद्धालु।।

भाजपा नेता डीसीएफ चेयरमैन सुरेन्द्र अग्रहरि ने दिल्ली सरकार पर लगाया तुष्टिकरण का आरोप।।

दिल्ली में यमुना नदी का पानी जहरीला, अमोनिया गैस का झाग बह रहा नदी में।

गन्दे व जहरीले पानी से नहाने को विवश छठव्रती महिलाएं व पुरूष- सुरेन्द्र अग्रहरि।

(दुद्धी)सोनभद्र-(आलोक अग्रहरि)देश में आस्था का महापर्व छठ पर्व बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है ,जिसमे पुर्वांचल के साथ साथ झारखण्ड व बिहार प्रदेश के लगभग सभी घरों में यह पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है। देश की राजधानी दिल्ली में देश के सभी राज्यों के लोग रहते हैं और अपने त्योहारों को मनाते हैं ।उसमें भी छठ पूजा को विशेष रूप से मनाए जाने का प्राविधान है । दिल्ली में यमुना नदी के किनारे नहाय खाय के दिन स्नान करने वाले लोगो को जहरीले व गन्दे पानी से स्नान करते देखकर भाजपा नेता सुरेन्द्र अग्रहरि ने दिल्ली सरकार की कड़ी निन्दा की है और कहा कि जब दिल्ली सरकार को पता है कि छठ पर्व करने वाले लोगों की आस्था व संख्या ज्यादा है तो उसकी व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए ।जिस प्रकार उत्तर प्रदेश सहित झारखंड, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्य इस पर्व के मद्देनजर व्यापक रूप से व्यवस्था करती हैं तो दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी बनती हैं कि अपने यहाँ निवास करने वाले सभी नागरिकों के लिए साफ,सफाई के साथ साथ उनके पर्वो को मनाये जाने वाले त्योहार पर भी विशेष फोकस रखे ,यह उनका मूल अधिकार है। ऐसा न कर दिल्ली सरकार ने छठव्रतियों के साथ मजाक और अन्याय करने का काम किया है जो क्षम्य नही है। अग्रहरि ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी को समझना चाहिए कि हमारे यहाँ निवास करने वाले छठव्रती जहरीले व गन्दे पानी जो अमोनिया गैस का निकला झाग है उससे स्नान कर रहे हैं ।यह तो किसी भी सरकार के लिए शर्म की बात है।यह उनके मूल अधिकारों का हनन है ।अग्रहरि ने अरविन्द केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है जो अपने राज्य के नागरिकों की सुविधा का ख़्याल न रख पाए और ऐसी सरकार में पदस्थ मंत्रियों को भी सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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