वनाधिकार कानून के तहत जमीन पर अधिकार दे सरकार – आइपीएफ अनिश्तिकालीन धरने के तेरहवें दिन उठी मांग

क्राइम जर्नलिस्ट(सेराज खान-सम्पादक)

वनाधिकार कानून के तहत जमीन पर अधिकार दे सरकार – आइपीएफ
अनिश्तिकालीन धरने के तेरहवें दिन उठी मांग
म्योरपुर, सोनभद्र 24 अक्टूबर 2021, हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए वनाधिकार कानून के तहत आदिवासियों और वन निवासियों को उनकी पुश्तैनी वन भूमि पर अधिकार देने की मांग आज रासपहरी में जारी आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के धरने के तेरहवें दिन उठी। ज्ञात हो कि लखीमपुर किसान नरसंहार के जिम्मेदार केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने व गिरफ्तार करने और जन मुद्दों पर आइपीएफ द्वारा रासपहरी में धरना जारी है।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य दुद्धी में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी वनाधिकार कानून का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। तहसील में जमा 32371 दावों में से 28506 दावे बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किए खारिज कर दिए गए थे। इस पर हाईकोर्ट ने पुनर्विचार करने का निर्देश दिया पर शासन प्रशासन ने कार्यवाही नहीं की। आए दिन आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन से वन विभाग बेदखल करने की कार्यवाही करता है। इससे एक सामाजिक तनाव भी पैदा होता है। इसलिए जरूरी है कि उत्तर प्रदेश सरकार व प्रशासन माननीय न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करते हुए वनाधिकार कानून के तहत पुश्तैनी वन भूमि पर आदिवासियों और वन निवासियों को अधिकार दे।
धरने में आइपीएफ जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, मजदूर किसान मंच जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, मंगरू प्रसाद गोंड़, मनोहर गोंड़, इंद्रदेव खरवार, संजय गोंड़, इन्द्रदेव खरवार, बिरझन गोंड़, रामसकल गोंड़, जगमोहन गोंड़, राजमन गोंड़, महादेव गोंड़, रामा गोंड़, अमरजीत गोंड़, दुखी सिंह गोंड़, मायाराम गोंड़, फुलेश्वरी गोंड़ आदि उपस्थित रहे।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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