जयन्त काटा नंबर चार पर कोयले का काला खेल खेल रहे इंचार्ज नीतीश साहब

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

*जयन्त काटा नंबर चार पर कोयले का काला खेल खेल रहे इंचार्ज नीतीश साहब*

*चुरा कोयले की जगह उठ रहा स्ट्रीम कोयला*

*नहीं होती गाड़ियों की एसडीएम पासिंग जांच*

मध्यप्रदेश/सिंगरौली।। एनसीएल के जयन्त खदान में कोयला चोरी आए दिन हो ही रहा है लेकिन एनसीएल के अधिकारी भी कोयले का काला खेल खेल रहे हैं पूरा मामला जयंत कांटा नंबर 4 का है जहां कांटा इंचार्ज नीतीश साहब बताए जा रहे हैं वीडियो और फोटो में यह स्पष्ट हो रहा है कि चुरा कोयले की जगह स्ट्रीम कोयला उठाया जा रहा है जिसके बदले में साहब नीतीश को गांधी बाबा की लाल पीली हंसती हुई नोटों का चढ़ावा मिलता है।

*बैरियर पर ₹100 बाड़ी गाड़ी पर की जाती है वसूली*

माइंस के अंदर जब गाड़ियां जाती है तो बैरियर पर एक पर्ची काटी जाती है जिसके बदले में NCL के द्वारा लगाए गए NCL कर्मी ₹100 पर गाड़ी वसूली करता है जानकारी के मुताबिक लगभग इन दिनों जयन्त कांटा नंबर 4 पर 200 बॉडी गाड़ियां आ जा रही हैं उन गाड़ियों से ₹100 वैरीयस पर्ची के नाम पर वसूली की जा रही है।

*माइंस के अंदर जाने वाले गाड़ियों की नहीं होती है जांच*

माइंस के अंदर कोयला लेने जाने वाली गाड़ियों की परमिशन एसडीएम के द्वारा दिया जाता है लेकिन जयंत कांटा नंबर चार पर किसी भी गाड़ी की कोई जांच-पड़ताल नहीं होती बिना परमिशन की गाड़ियां माइंस के अंदर जा रही है जिसके बदले मे काटा इंचार्ज नीतीश साहब को गांधी बाबा की मुस्कुराती हुई नोटों का चढ़ावा मिल जाता है इसके बाद सारे नियम दरकिनार कर दिए जाते हैं पर मनमानी वसूली की जाती है।

*चुरा कोयले की जगह उठ रहा है स्ट्रीम कोयला*

इन दिनों जब से पांडे साहब कांटा इंचार्ज के पद से हटे हैं तब से कांटा नंबर चार पर कोयले का काला खेल खेल रहे नीतीश साहब का चांदी है क्योंकि चुरा कोयले के बदले मंडी से आ रही गाड़ियों को स्ट्रीम माल देकर चढ़ावा पा रहे हैं इससे एनसीएल में नौकरी करने वाले अधिकारी ही एनसीएल को कंगाल करने में लगे हैं भले ही इमानदार अपने आपको बताते होंगे लेकिन की काली करतूत जब कैमरों में कैद हो जाती है तो गूंगे और बहरे बन जाते हैं अब यह देखना बाकी होगा कि एनसीएल के अधिकारी कितना एक्शन लेते हैं।

शेष अगले अंक में( सूर्यास्त के बाद नहीं चल सकता कांटा फिर रात्रि के 12:00 बजे तक कैसे चल रहा कांटा नंबर 4 जयन्त)

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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