प्रभारी मंत्री ने गिनाए सरकार के साढ़े चार साल की उपलब्धियां, मगर पत्रकारों के सवालों से बचे

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

प्रभारी मंत्री ने गिनाए सरकार के साढ़े चार साल की उपलब्धियां, मगर पत्रकारों के सवालों से बचे।

सोनभद्र।योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जिले के प्रभारी व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश द्विवेदी ने पत्रकार वार्ता में सरकार की उपलब्धियों को गिनाया । उन्होंने कहा कि जितने काम योगी सरकार में हुए हैं उतने कभी किसी सरकार में नहीं हुए । बेसिक शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक स्कूलों की तारीफ करते हुए कहा कि आज स्कूल कायाकल्प हो रहे हैं । जबकि पहले फर्श तक टूटी रहती थी । उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि आज कानून व्यवस्था बेहतर हुई है, जिसकी वजह से महिलाएं रात में भी बेखौफ होकर निकल पाती हैं ।
लेकिन जब मंत्री जी से पत्रकारों ने सवाल करना शुरू किया तो प्रभारी मंत्री जी बगली झांकने लगे । लंबे समय बाद जिले में प्रभारी मंत्री को पाकर पत्रकार सवालों की झड़ी लगा दिए लेकिन जिले की किसी समस्या से अवगत न होने के कारण प्रभारी मंत्री खुद को असहज महसूस करने लगे और बाद में बिना पत्रकारों के सवालों का जबाब दिए उठ गए ।

आपको बता दें कि जिले में ऐसे कई स्कूल कालेज व अस्पताल हैं जो पूर्ववर्ती सरकारों के समय से बन कर तैयार है मगर आज तक शुरू नहीं हो सका । वहीं पानी के क्षेत्र में क्रांति लाने वाली सरकार में आश्रम पद्धति विद्यालय में पानी खरीद कर आ रहा है लेकिन मंत्री जी से जब सवाल किया गया तो चुप हो गए ।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने बड़ा आरोप लगाया था कि जिले के कस्तूरबा गांधी विद्यालय से उस समय पैसा निकाला गया था जब लॉक डाउन था और बच्चे घर पर थे मगर उनके नाम पर पैसा हर माह निकाल लिया । इस सवाल पर भी मंत्री जी अनसुना कर दिए । चाहे सड़क का सवाल हो या फिर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था का, किसी सवाल पर मंत्री जी का जबाब संतुष्टि भरा नहीं था ।

कुल मिलाकर साढ़े चार की लिखी किताब को प्रभारी मंत्री ने पढ़ा और चलते बने । लेकिन धरातल पर कितने काम हुए या सही हुए इस पर कोई जानकरी न पत्रकारों से ली और न वे खुद इच्छुक दिखे। इस दौरान सांसद विधायक से लेकर सभी मौजूद थे लेकिन बड़ी बात यह थी कि यदि प्रभारी मंत्री इस जिले के लिए नए हैं तो किसी विधायक ने प्रभारी मंत्री का सहयोग नहीं किया और न कोई जानकारी शेयर की ।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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