जम्मू और कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास भारतीय और पाकिस्तानी सेना ने आजादी के जश्न में एक-दूसरे को मिठाइयां दीं

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

जम्मू और कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास भारतीय और पाकिस्तानी सेना ने आजादी के जश्न में एक-दूसरे को मिठाइयां दीं।

जम्मू /कश्मीर।शनिवार यानी 14 अगस्त को पाकिस्तान अपना आजादी दिवस मना रहा है। इस मौके पर जम्मू और कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास भारतीय और पाकिस्तानी सेना ने एक-दूसरे को मिठाइयां दीं। नॉर्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के चिलिहाना तीथवाल क्रॉसिंग प्वाइंट के पास टंगधर सेक्टर में भारतीय आर्मी के जवानों ने पाकिस्तानी सेना के जवानों को मिठाइयां दीं। इसके बारे में जानकारी देते हुए सेना के अधिकारी ने कहा कि ’14 अगस्त को इंडियन आर्मी ने गर्मजोशी दिखाते हुए चिलिहाना तीथवाल क्रॉसिंग प्वाइंट के पास पाकिस्तनी आर्मी को मिठाइयां दीं। उन्हें स्वतंत्रता दिवस की बधाइयां दीं और ढेर साऱी शुभकमानाएं भी दिया। भारतीय आर्मी का यह कदम दिखाता है कि वो एलओसी पर शांति बनाए रखने की इच्छा रखता है।’

इंडियन आर्मी की तरफ से कहा गया है कि भारत बरसों से यह प्रयास करता आया है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से उसके संबंध मजबूत रहे। इसके लिए वो हमेशा ही ऐसे किसी खास मौके पर गर्मजोशी से उनका स्वागत करता है और उम्मीद रखता है कि उसके इन नेक कामों से सीमा पर शांति बनी रहेगी।

अधिकारी ने कहा कि यहां के लोग भारतीय सेना के इन कदमों की खुलकर तारीफ करते हैं। खासकर एलओसी के आसपास के गांवों में रहने वाले लोग इंडियन आर्मी की कोशिशों की प्रशंसा करते हैं। भारत की तरफ से किया जाना वाला यह सकारात्मक प्रयास भविष्य में दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति बनाए रखने में काफी मददगार भी साबित होता है।

एलओसी के अलावा पाकिस्तान रेंजर्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अटारी-वाघा सीमा पर भी मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। इस मौके पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स के कई अधिकारी औऱ जवान मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि बीएसएफ और पाक रेंजर्स की ओर से विभिन्‍न अवसरों पर एक-दूसरे को मिठाई देने की परंपरा है। हालांकि कई बार दोनों देशों के बीच तनाव पैदा होने से इस परंपरा में रुकावट आई है। वर्ष 2019 में पुलवामा हमले के कारण दोनों देशों के बीच आई तल्खी के कारण मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ था।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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