राष्ट्र की सेवा सर्वोपरि, लौह पुरूष से सीखिए एकता और अखंडता की स्थापना— शैलेश मोहन

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*राष्ट्र की सेवा सर्वोपरि, लौह पुरूष से सीखिए एकता और अखंडता की स्थापना— शैलेश मोहन

दुद्धी जनपद-सोनभद्र/शनिवार 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती व वाल्मीकि जयंती पर बीआरसी,दुद्धी में दोनों महापुरुषों के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री आलोक कुमार के निर्देशन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

महापुरुषों के तैल चित्र पर माल्यार्पण करने के पश्चात केआरपी श्री शैलेश मोहन ने कहा कि लौह पुरुष ने पूरे भारत को एकता के सूत्र में बांध दिया था।आज़ादी के बाद देश मे छोटी छोटी रियासतों के एकीकरण हेतु उन्होंने हर नीति का प्रयोग करते हुए अखण्ड भारत की नींव रखी। वहीं महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महाकाव्य से घर घर में आदर्श परिवार व पारिवारिक संबंधों की बेमिसाल पृष्ठभूमि रखी।शिक्षक अविनाश गुप्ता ने कहा कि दोनों ही महापुरुष सदैव स्मरण योग्य हैं।एक ने रामायण के द्वारा श्रेष्ठ परिवार निर्माण तो दूसरे ने राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखी।दोनो ही महापुरुषों को शत शत नमन।इस अवसर पर निरंजन अग्रहरि, पीयूष, विकास तिवारी आदि उपस्थित थे।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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