डोर स्टेप डिलीवरी लागू न होने पर कोटेदार हाईकोर्ट जाने को तैयार।

फिरोज खान

रेनुकूट संवाददाता-नसीम अहमद

रेणुकूट– सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डोर स्टेप डिलीवरी के आदेश का पालन ना होने से खफा होकर व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में कोटेदार संघ न्यायालय की शरण में जाएगा। जिलाधिकारी को भेजे पत्र में व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय कुमार राय ने लिखा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डोर स्टेप डिलीवरी का आदेश 18 नवंबर 2010 से हर वर्ष शासन, प्रमुख सचिव व उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद 11 वर्षों से लागू नहीं हो सकी जिसके कारण दुकानदारों का शोषण हो रहा है। अब तक दर्जनों पत्र देने के बाद भी डोर स्टेप डिलीवरी नहीं लागू की गई जबकि इस संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा बार-बार विभाग को पत्र लिखकर डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराए जाने के शासनादेश पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने को लिखा गया है। शासन द्वारा डोर स्टेप डिलीवरी ना लागू किए जाने का खामियाजा आम लोगों पर पड़ रहा है। कोटेदारों द्वारा अपने खर्च पर लाए गए खाद्यान्न के खर्च की वसूली उपभोक्ता से की जाती है जिसके कारण आम आदमी पर इसका बोझ पड़ रहा है। अजय राय ने अपने पत्र में लिखा है कि खाद एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा 18 नवंबर 2010 में ही डोर स्टेप डिलीवरी का आदेश दिया गया है आदेश के बाद अब तक 11 वर्षों के दरम्यान सिर्फ 2-4 महीने ही होम डिलीवरी की गई है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि कोरोना काल में शासन के आदेश पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लगे दुकानदार सरकार की मंशा के अनुरूप खाद्यान्न वितरित करते रहे, इस दौरान हजारों की संख्या में विक्रेता संक्रमित हुए और कुछ तो अपनी जान भी गवां बैठे इसके बावजूद न तो उन्हें कोरोना योद्धा घोषित किया गया और ना ही कोई मुआवजा नीति की घोषणा की गई। पूरे कोरोना काल में ना ही उन्हें कोई सुरक्षा उपकरण, सैनिटाइजर, साबुन, हैंडवाश की भी व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं की गई जबकि कोटेदार अपनी जान हथेली पर रखकर खाद्यान्न को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते रहे। शासन द्वारा यह भी निर्देश दिया गया था कि हर ब्लाक के उठान वाले गोदाम पर सीसीटीवी कैमरे व 100 किलो वजन वाले पर्याप्त मात्रा में तराजू होंगे और बिना घाटतौली के उचित दर विक्रेताओं को खाद्यान्न प्राप्त होगा परंतु किसी भी नियम को शासन द्वारा न मानते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सक्षम अधिकारियों द्वारा उचित दर विक्रेता के ऊपर सारा दोष मढ़ते हुए बिना किसी सुविधा व कमीशन के लगातार वितरण को जारी रखे हैं। उचित दर विक्रेता शासन के द्वारा मुफ्त में बांटने के लिए दिए गए खाद्यान्न को भी अपने घर से धनराशि लगाकर मुफ्त में बांटने को मजबूर हैं और लगातार अधिकारी द्वारा समय से उठान व वितरण करने के लिए दबाव बनाया जाता रहा है। उन्हें कभी डोर स्टेप डिलीवरी सुरक्षा उपकरण इत्यादि की बातों पर कोई जवाब नहीं मिलता यह सब घटनाएं सक्षम अधिकारियों के संज्ञान में हो रही है। उन्होंने लिखा है कि जिन सक्षम अधिकारियों द्वारा शासनादेश के तहत डोर स्टेप डिलीवरी का व अन्य आदेशों का पालन नहीं किया गया है उनके ऊपर शासनादेश की अवहेलना का मुकदमा दर्ज कराते हुए कठोर कार्रवाई की जाए जिससे शासन की मंशा अनुरूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुचारू व सही ढंग से चलती रहे और अंतिम व्यक्ति तक शासन के द्वारा भेजा गया खाद्यान्न पहुंच सके। इस संबंध में म्योरपुर ब्लॉक के आपूर्ति निरीक्षक रामलाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शासन द्वारा डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था राबर्ट्सगंज के आंशिक क्षेत्र व चतरा ब्लॉक में शुरू की गई है जल्द ही अन्य ब्लॉक में भी शुरू की जाएगी। विभाग द्वारा जो जानकारी मांगी गई थी उसे उपलब्ध करा दिया गया है डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था दूसरे विभाग की है।

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