मन्दिर निर्माण को वन विभाग ने रोका आक्रोश

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

मन्दिर निर्माण को वन विभाग ने रोका आक्रोश।

विंढमगंज- स्थानीय थाना क्षेत्र के विंढमगंज रेंज स्थित ग्राम पंचायत डुमरा के सहीमनवा पहाड़ी पर सार्वजनिक मन्दिर निर्माण को वन विभाग की टीम ने आज रोक दिया।इस घटना से ग्रामीण सहित दूर दराज के भक्तों में आक्रोश व्याप्त है। मंदिर की पुजेरिन शारदा देवी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से पहाड़ी पर वन देवी की पूजा पाठ अनवरत कर रही हूं और यहाँ भक्तो का ताँता लगा रहता है पिछले पांच वर्षों से यहाँ शिव मन्दिर की स्थापना की गई है| दुद्धी क्षेत्र के सैकड़ो भक्तो का आना जाना यहाँ लगा रहता है। और उनकी सभी मुरादें भी पूरी होती है। भक्तो के आस्था व सहयोग से मन्दिर की दीवार व पिलर पहले ही खड़ा हो चुका है।आज सुबह डोर लेबल पर ढलाई हेतु लगाए गए शटरिंग वनकार्मियों ने खोल कर हटा दिया और काम रुकवा दिया। नवरात्र की सप्तमी तिथि को देवी मंदिर निर्माण में वन विभाग के कर्मियों द्वारा बारजा आदि की तोड़फोड़ कर निर्माण कार्य रोकने से भक्तो में आक्रोश है।हृदय नारायण,फूलवन्ती देवी, नन्दलाल ,कमलेश कुमार ,आनन्द ,सुनील ,अभय कुमार ,गंगा प्रसाद ,सोबरन, रवि कुमार आदि
ने बताया कि पहाड़ी स्थित मंदिर पर पिछले कई वर्षों से भक्तो का आना जाना खूब हो रहा है यहाँ सच्चे मन से मांगने वाले की मनोकामना पूर्ण होती है जिसके कई उदाहरण है यहाँ मन्दिर निर्माण होना भक्तो के हित मे है वन विभाग की कार्यवाही गलत है । ग्रामीणो ने बताया कि उक्त पहाड़ी पर भगवान शंकर , वन शक्ति मैया ,शेषनाग , मैहर माई , लाखों बहन देवी , बजरंग बली ,जटाधारी मैया , कंकाली मैया ,शीतला मैया,शिवहानिया बाबा आदि देवी देवताओं का आस्था केंद्र है।
इस कार्यवाही से हिन्दू संगठनों को भी ठेस पहुच रही है।उक्त प्रकरण में वन विभाग से सेलफोन पर वार्ता करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नही हो सका |

इनसेट:

10 वर्ष पुराने आस्था स्थल पर ग्रमीणों के चंदा से हो रहे मंदिर निर्माण

विंढमगंज/ सोनभद्र| ग्रामीण हृदय नारायण भुइयां ने सन 2015 में चकडुमरा के सहिमनवा पहाड़ी पर मंदिर मे स्थापना किया था। हृदयनारायण ने बताया कि मेरा परिवार परेशान था,मेरी पत्नी शारदा देवी को स्वप्न आया कि सिद्ध का पेड़ दिखाई दिया और कई पिंडो के रूप में दर्शन हुआ जो यहां आकर वह सच हुआ।यहाँ आने के बाद वह उक्त स्थल पर पूजा अर्चन करने में लीन हो गयी।जब अपनी पत्नी को हृदयनारायण घर ले गए तो वहां पागल जैसा व्यवहार करने लगी।धीरे धीरे उक्त स्थल से ग्रामीणो का आस्था जगने लगी । उन्होंने बताया कि गढ़वा ,डालटनगंज ,रमुना ,मेराल ,छत्तीसगढ़ ,इलाहाबाद ,डेहरी आदि जगह से, पीड़ित मन्नत मांगने आते है और यहां से सभी दुख दूर कर हँसते हुए वापस जाते है। ग्रामीण रामचरित्र ने बताया कि उनकी लड़कीं कुसुम देवी को चार आदमी खाट पर लाया गया था इस धाम पर 2 दिन रहकर बिल्कुल चंगा होकर गयी थी।यहां चढ़ाया गया नारियल मन्नते पूर्ण होने के बाद खुद व खुद फट जाता है।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read also x