उत्तराखंड में फिर आई आपदा, नई टिहरी में बादल फटने से शांता नदी उफनाई, देवप्रयाग में मकान-घर मलबे के नीचे दबे

क्राईम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

मोनू खान-हरिद्वार(उत्तराखंड)

उत्तराखंड में फिर आई आपदा,

नई टिहरी में बादल फटने से शांता नदी उफनाई, देवप्रयाग में मकान-घर मलबे के नीचे दबेदेवप्रयाग में बादल फटने से हुआ।

नुकसान।हरिद्वार(उत्तराखण्ड)देवप्रयाग में बादल फटने के बाद मलबे के ढेर में दबे घर।ऐप पर पढ़ें नई टिहरी में दशरथ पर्वत पर बादल फटने की घटना से शांता नदी में आये ऊफान से देवप्रयाग के शांति बाजार को भारी नुकसान पहुंचा है। आईटीआई का तीन मंजिला भवन पूरी तरह ध्वस्त हो गया। शांता नदी से सटी दस से अधिक दुकानें भी बह गई। देवप्रयाग नगर से बस अड्डे की ओर आवाजाही करने वाला रास्ता और एक पुलिया पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।मलबे में किसी के दबने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। कोरोना कर्फ्यू के कारण आईटीआई सहित दुकानों के बन्द रहने से भारी-जान माल का नुकसान होने से बच गया। सांय करीब साढ़े बजे देवप्रयाग के दशरथ पर्वत पर बादल फटने की घटना से दशरथ पर्वत से निकलने वाली शांता नदी अचानक भारी ऊफान पर गई। भारी मात्रा में पानी के साथ आये मिट्टी और पत्थरों ने शांति बाजार में तबाही मचा दी, जिससे सीमेंट और सरियों के पिलरों पर खड़ा आईटीआई का तीन मंजिला भवन जमीदोज हो गया। आईटीआई भवन में मौजूद सुरक्षा कर्मी दीवान सिंह ने किसी तरह अपनी जान बचाई। आईटीआई भवन में मौजूद कम्प्यूटर सेंटर, निजी बैंक, बिजली, फोटोग्राफी सहित करीब दस दुकानें नदी में आये मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह ध्वस्त हो गई।उधर, शांता नदी पर बनी पुलिया, बस अड्डे की ओर का रास्ता सहित उससे सटी ज्वेलर्स, कपड़े, मिठाई आदि की दुकानें भी नदी में आये भारी ऊफान की चपेट में आने पूरी तरह ध्वस्त हो गई। देवप्रयाग बस अड्डे से शांति बाजार होकर शांता नदी भागीरथी नदी में मिलती है। शांति बाजार में भारी नुकसान होने का शुरूआती अनुमान लगाया जा रहा है।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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