कोरोनाकाल में बना दिया फर्जी कोविड अस्पताल,जानिए फिर क्या हुआ

क्राईम जर्नलिस्ट(सम्पादक-सेराज खान)

मोनू खान हरिद्वार (उत्तराखंड)

कोरोनाकाल में बना दिया फर्जी कोविड अस्पताल,जानिए फिर क्या हुआ।

उत्तराखण्ड(हरिद्वार)कोविड इलाज के नाम पर बिना प्रशासन की अनुमति के मरीजों से मनमाना पैसा वसूल रहे एक अस्पताल पर आखिरकार प्रशासन की गाज गिर गई है। कोविड के भर्ती 13 मरीजों को छोड़ पूरे अस्पताल को सील कर दिया गया है। इस मामले में डीएम ने आरोपी अस्पताल मालिक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन की इस कारवाई से जिले के तमाम निजी अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है। हरिद्वार जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों में केवल 12 को ही कोविड उपचार की अनुमति है।

बावजूद इसके लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर अधिकांश निजी अस्पतालों में मोटा पैसा वसूल मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिलाधिकारी सी रविशंकर को गुरुवार रात शिकायत मिली थी कि सराय रोड स्थित ओजस अस्पताल में बिना अनुमति मरीजों से 28 से 30 हजार रुपये प्रतिदिन बेड के नाम पर वसूले जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर एसएसपी सेंथिल अबुदई और सीएमओ डॉ. एसके झा के साथ डीएम ने अस्पताल में छापेमारी की। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की टीम को देखकर अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

इन अधिकारियों ने अस्पताल के गेट पर पुलिस को तैनात कर जांच शुरू की तो पता चला कि अस्पताल के पास कोविड के मरीजों के उपचार की कोई अनुमति ही नहीं है। अस्पताल में आने और जाने के लिए एक ही रास्ता है जिसका प्रयोग कोविड मरीज और साधारण मरीज एक साथ करते हैं।जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी वसूले जा रहे पैंसों की जानकारी ली तो वे हतप्रभ रह गए। हाल यह था कि कोविड मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे मनमाना पैसा वसूला जा रहा था, जबकि हाल ही में जिलाधिकारी ने कोविड मरीजों से वसूले जाने वाले पैसे की सीमा निर्धारित की थी।

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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