बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों पर बोले मेडिकल डायरेक्टर- मुझे नहीं पता ये देश कौन चला रहा है

क्राइम जर्नलिस्ट(टीम)

देश में गहराए ऑक्सीजन संकट को देखते हुए इंडिया टुडे टीवी ने कुछ डॉक्टरों व विशेषज्ञों से बात की। बत्रा अस्पताल में हुई मौतों को लेकर जब वहां मेडिकल डायरेक्ट एससीएल गुप्ता से सवाल किए गए तो उन्होंने निराश होकर कहा कि उन्हें नहीं पता यह देश कौन चला रहा है।

वो कहते हैं, “यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी है। मरीज मर रहे हैं क्योंकि हमारे पास ऑक्सीजन नहीं है। कोविड -19 का इलाज करने के लिए, आपको ऑक्सीजन, ड्रग्स और टीकाकरण की आवश्यकता होती है। कुछ भी उपलब्ध नहीं है। सरकार कहती है कि हमारे देश में ऑक्सीजन की बहुत कमी है। लेकिन मरीज मर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि यह देश कौन चला रहा है।न्यायपालिका या कार्यपालिका?”

“पिछले 14 महीनों में सरकार क्या कर रही थी? किसी ने कुछ नहीं सीखा। आप वहां ऑक्सीजन भेज रहे हैं, लेकिन अच्छी तरह से संरचित अस्पतालों में नहीं। कृपया, हमें ए या बी या सी द्वारा ऑक्सीजन दें। हमें इसके लिए भीख नहीं मांगनी चाहिए। प्रत्येक 10-20 अस्पतालों के लिए एक नोडल अधिकारी होना चाहिए। आपातकालीन स्थिति में 15-20 मिनट के भीतर ऑक्सीजन उपलब्ध होना चाहिए ताकि निर्दोष जिंदगियां न खोई जाएं।”

मेडिकल एक्सपर्ट अरूण सेठी आज स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कहते हैं, “छोटे नर्सिंग होम और क्लीनिक में बहुत सारी ऑक्सीजन पड़ी है। डाटा तैयार करना होगा। आवश्यक अस्पतालों की अपनी कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता होनी चाहिए। लोग अपने दरवाजे पर ऑक्सीजन की आपूर्ति क्यों नहीं पा सकते हैं? अगर आपको जरूरत नहीं है तो अस्पताल क्यों जाएं?”

सेराज खान / गोविन्द अग्रहरि / नितेश पाण्डेय / श्याम अग्रहरि

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